Operating System Kya Hai? सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी में

Operating-System-Kya-Hai?

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं-Operating System Kya Hai? यहां कैसे काम करता है? इसकी परिभाषा है? इसके प्रकार, कार्य और इसकी विशेषताओं के बारे में। दोस्तों वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी जिस तरह बढ़ रही है, उस हिसाब से आज प्रत्येक क्षेत्र में मानव जीवन तरक्की पर है।  दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर या … Read more

RAM Kya Hai? परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं और कार्य

RAM Kya Hai In Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने वाले है- RAM Kya Hai? कितने प्रकार की होती है? यह कैसे काम करती है, इसकी क्या विशेषताएं है अदि के बारे में। दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर या फिर मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो आप RAM बारे में तो जानते ही होंगे, या फिर आप अपने लिए नया फोन, लैपटॉप या फिर कंप्यूटर खरीदने जाते हैं, तो दुकानदार से अवश्य पूछते होंगे कि इस कंप्यूटर, फोन या लैपटॉप में कितनी रेम है? 

दोस्तों, RAM एक ऐसा प्रमुख हार्डवेयर component है, जो कंप्यूटर या मोबाइल में इस्तेमाल किया जाता है। ये temporary storage के लिए इस्तेमाल होती है, और Processor उसकी एक्सेस की सुविधा प्रदान करता है। रैम की कैपेसिटी, परफॉर्मेंस और स्पीड आपके कंप्यूटर के overall परफॉर्मेंस को भी प्रभावित करता है। 

जब आप कोई प्रोग्राम में या फाइल open करते हैं, तो रेम के अंदर temporary स्टोर हो जाता है, और जब आप उस प्रोग्राम या फाइल को use करते हैं, तो प्रोसेसर उसके इंस्ट्रक्शन और डाटा को रैम के अंदर एक्सेस करता है, आज इस आर्टिकल में हम रैम के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं, तो अगर आप भी जानना चाहते हैं, RAM Kya Hai? तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। 

RAM Kya Hai?

RAM क्या है? (What Is RAM)

RAM (Random Access Memory) एक कंप्यूटर की अस्थायी मेमोरी होती है, जिसमे कंप्यूटर के द्वारा सक्रिय रूप से उपयोग किए जाने वाले डेटा, प्रोग्राम और निर्देशों को अस्थायी रूप से स्टोर किया जाता है।

रैम को volatile मेमोरी भी कहा जाता है, क्योंकि जब कंप्यूटर को बंद किया जाता है, तो रैम के अंदर Stored डेटा, प्रोग्राम और निर्देश भी डिलीट हो जाते हैं। रैम के अंदर की मेमोरी, प्रोसेसर के द्वार सीधे एक्सेस की जाति है, और इसमें डेटा को randomly एक्सेस किया जा सकता है, इसिलए इसे Random Access Memory कहा जाता है।

कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर, जब चलते हैं तो वो सब रैम के अंदर लोड हो जाते हैं और जब वो सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम को इस्तेमाल करते हैं, तो वो रैम से डेटा और निर्देश एक्सेस करते रहते हैं। जितना ज्यादा रैम कंप्यूटर में होगा, उतना ही ज्यादा डेटा और प्रोग्राम कंप्यूटर के रैम में स्टोर किया जा सकता है और कंप्यूटर का परफॉर्मेंस भी उतना ही बेहतर होगा।

RAM की परिभाषा (Definition)

RAM Kya Hai?– रैम का मुख्य काम कंप्यूटर के अस्थायी स्टोरेज के लिए मेमोरी प्रदान करना होता है। RAM का पूरा नाम “रैंडम एक्सेस मेमोरी” है, इसका मतलब है कि रैम के अंदर की मेमोरी, प्रोसेसर के द्वार डायरेक्ट एक्सेस की जा सकती है। और इसमें डेटा को रैंडम एक्सेस किया जा सकता है।

रैम को वोलाटाइल मेमोरी भी कहा जाता है, क्योंकि जब कंप्यूटर को बंद किया जाता है, तो रैम के अंदर स्टोर्ड डेटा, प्रोग्राम और निर्देश भी डिलीट हो जाते हैं।

रैम का मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर के Operating System और Software को load करने और उन्हें इस्तेमाल करने के लिए अस्थायी तौर पर स्टोरेज प्रदान करना है। जब आप कोई प्रोग्राम या फाइल कंप्यूटर में open करते हैं, तो ये रैम के अंदर टेम्पररी स्टोर हो जाते हैं,

और जब आप प्रोग्राम या फाइल को use करते हैं, तो वो रैम से डाटा और इंस्ट्रक्शन एक्सेस करता है। रैम के अंदर की मेमोरी की क्षमता ज्यादा हो तो कंप्यूटर का परफॉर्मेंस और स्पीड भी उतनी ही बेहतर होती है।

RAM के प्रकार (Types)

RAM (Random Access Memory) के दो प्रकार हैं:

1. Static RAM (SRAM)

Static RAM हाई-स्पीड मेमोरी होती है, और ये पावर की सप्लाई के बिना भी स्टोर की गई जानकारी को बरकरार रख सकती है। SRAM के अंदर की मेमोरी सर्किट, फ्लिपफ्लॉप के द्वार बने होते हैं, और यह ज्यादा महंगी होती है, इसका प्रयोग हाई-स्पीड कैश मेमोरी, रजिस्टर और बफरिंग सर्किट में किया जाता है।

2. Dynamic RAM (DRAM)

Dynamic रैम एक low-cost मेमोरी होती है, जिसे रिफ्रेश की जरूरत होती है, क्योंकि ये जानकारी को टेम्पररी स्टोरेज के लिए कैपेसिटर में स्टोर करता है। ये कैपेसिटर चार्ज के बिना चार्ज के द्वार retain की गई जानकारी को खो देता है।

DRAM की access time, SRAM से ज्यादा होती है, लेकिन इसकी कॉस्ट SRAM से कम होता है, इसीलिए ये आमतौर पर इस्तमाल की जाती है।

इनके अलावा, दो और प्रकार के रैम भी होते हैं, जो कि SRAM और DRAM के hybrid versions होते हैं:

Synchronous Dynamic RAM (SDRAM)

SDRAM, DRAM का एक upgrade version है, जिसका उपयोग हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर के लिए किया जाता है। SDRAM ने DRAM की लेटेंसी और साइकिल टाइम प्रॉब्लम्स को solve किया है, और ये प्रोसेसर के साथ synchronous clock signal यूज करता है, जिससे ये प्रोसेसर के द्वार fast access की जा सकती है।

Double Data Rate Synchronous Dynamic RAM (DDR SDRAM)

DDR SDRAM, SDRAM का एक upgrade version है, जो कि डेटा ट्रांसफर स्पीड को double कर देता है। डीडीआर एसडीआरएएम का उपयोग उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, वीडियो गेम, और हाई-एंड ग्राफिक्स के लिए किया जाता है।

RAM कैसे काम करती है? (Working)

RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) कंप्यूटर के लिए temporary स्टोरेज के लिए मेमोरी प्रदान करती है। जब आप कोई प्रोग्राम या फाइल कंप्यूटर में ओपन करते हैं, तो ये रैम के अंदर टेम्पररी स्टोर हो जाते हैं, और जब आप प्रोग्राम या फाइल को यूज करते हैं, तो वो रैम से डाटा और इंस्ट्रक्शन एक्सेस करता है।

रैम के अंदर की मेमोरी की क्षमता ज्यादा हो तो कंप्यूटर के परफॉर्मेंस और स्पीड भी उतनी ही बेहतर होती है। जब आप कोई प्रोग्राम या फाइल ओपन करते हैं, तो हम प्रोग्राम या फाइल के निर्देश और डेटा को रैम के अंदर टेम्पररी स्टोर किया जाता है। अगर वो प्रोग्राम या फाइल ज्यादा बड़ा है, तो ज्यादा रैम की जरूरत होती है।

जब आप प्रोग्राम या फाइल को use करते हैं, तो प्रोसेसर उसकी इंस्ट्रक्शंस और डेटा को रैम के अंदर से एक्सेस करता है। प्रोसेसर रैम के अंदर की मेमोरी को डायरेक्ट एक्सेस करता है, और उसमें से किसी भी जगह से डेटा को रीड कर सकता है। जब कंप्यूटर को बंद किया जाता है, तो रैम के अंदर स्टोर किया हुआ डेटा, प्रोग्राम और निर्देश भी डिलीट हो जाते हैं।

इसलिए, आपको अपने महत्वपूर्ण डेटा और फाइलों को परमानेंट स्टोरेज के लिए Hard Disk या सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) में स्टोर करना चाहिए, ताकि वो डेटा सेफ रहे और फ्यूचर में भी आप उसे एक्सेस कर सकें।

RAM की विशेषताएं (Features)

Random Access

रैम के नाम का मतलब होता है “रैंडम एक्सेस मेमोरी“। इसका मतलब यह है कि रैम की मेमोरी में आप किसी भी address से डायरेक्ट एक्सेस कर सकते हैं। इसका मतलब है कि प्रोसेसर किसी भी निर्देश या डेटा को रैम के अंदर से बिना किसी sequence के एक्सेस कर सकते हैं।

Temporary Storage

RAM कंप्यूटर के टेम्पररी स्टोरेज के लिए इस्तेमाल होती है। जब आप कोई प्रोग्राम या फाइल open करते हैं, तो रैम के अंदर टेम्पररी स्टोर हो जाते हैं। जब आप प्रोग्राम या फाइल को यूज करते हैं, तो प्रोसेसर उसकी इंस्ट्रक्शंस और डेटा को रैम के अंदर से एक्सेस करता है।

High-Speed Access

रैम हाई-स्पीड एक्सेस की सुविधा प्रदान करती है। रैम की एक्सेस टाइम बहुत कम होती है, जिसके कारन प्रोसेसर को इंस्ट्रक्शन और डेटा को रैम से एक्सेस करने में कम टाइम लगता है।

Capacity

रैम के अंदर स्टोर की जाने वाली डेटा और निर्देश की क्षमता ज्यादा होनी चाहिए। आपके कंप्यूटर की परफॉर्मेंस और स्पीड रैम की Capacity पर भी निर्भर करता है।

Volatile

रैम वोलाटाइल होती है, यानि कि जब कंप्यूटर को बंद कर दिया जाता है, तो रैम के अंदर स्टोर्ड डेटा, प्रोग्राम और निर्देश भी डिलीट हो जाते हैं। इसलिए, आपको अपने महत्वपूर्ण डेटा और फाइलों को परमानेंट स्टोरेज के लिए हार्ड डिस्क या सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) में स्टोर करना चाहिए।

Different Types

RAM के अलग-अलग प्रकार होते हैं जैसे SRAM, DRAM, SDRAM, DDR SDRAM, इत्यादि। सभी प्रकारों में प्रदर्शन, लागत और सुविधाओं में अंतर होता है।

Upgradability

रैम को आसनी से upgradable किया जा सकता है। आप अपने कंप्यूटर के रैम को अपग्रेड करके उसकी परफॉर्मेंस को बेहतर कर सकते हैं।

FAQs:

Ram क्या है in Hindi?

RAM एक कंप्यूटर की अस्थायी मेमोरी होती है, जिसमे कंप्यूटर के द्वारा सक्रिय रूप से उपयोग किए जाने वाले डेटा, प्रोग्राम और निर्देशों को अस्थायी रूप से स्टोर किया जाता है।

RAM का Full Form क्या है?

रैम का Full Form- Random Access Memory है। 

RAM के कितने प्रकार होते है?

RAM के दो प्रकार है- पहला Static RAM (SRAM) और दूसरा Dynamic RAM (DRAM).

RAM कहाँ स्थित होती है?

रैम कंप्यूटर के Motherboard पर स्थित होती है। 

RAM और ROM में क्या अंतर है?

RAM एक temporary स्टोरेज डिवाइस है, जिसका उपयोग कंप्यूटर के प्रोग्राम और फाइलों को अस्थायी रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है। जबकी ROM एक non-volatile storage डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर के फर्मवेयर, BIOS और ऑपरेटिंग सिस्टम को स्थायी रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है।

हमने क्या सीखा

दोस्तों, इस पोस्ट के माध्यम से हमने RAM Kya Hai? कितने प्रकार की होती है, कैसे काम करती है और इसकी क्या विशेषताएं है, आदि के बारे में जाना। रैम कंप्यूटर के अस्थायी स्टोरेज के लिए इस्तेमाल होती है, और प्रोसेसर उसकी एक्सेस की सुविधा प्रदान करता है।

रैम हाई-स्पीड एक्सेस की सुविधा भी प्रदान करती है, और उसकी capacity भी आपके कंप्यूटर के परफॉर्मेंस और स्पीड पर प्रभाव डालता है। इसके अलावा, रैम वोलाटाइल होती है, जिस वजह से जब आप अपने कंप्यूटर को बंद करते हैं, तो उसके अंदर स्टोर्ड डेटा और निर्देश भी डिलीट हो जाते हैं।

रैम को आसनी से अपग्रेड किया जा सकता है, और इसके अलग-अलग टाइप में परफॉर्मेंस, कॉस्ट और फीचर्स में अंतर होता है। दोस्तों उम्मीद है, आपको यह पोस्ट RAM Kya Hai? पसंद आयी होगी, यदि हाँ तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करे। इसी के साथ अगर आपका इससे जुड़ा कोई प्रश्न हे तो कमेंट करके पूछ सकते है।

Processor Kya Hai? और कैसे काम करता है, जानिए हिन्दी में।

Processor Kya Hai? in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं, Processor Kya Hai? यहां कैसे काम करता है, कितने प्रकार के होते हैं। आदि के बारे में, दोस्तों अगर आप कंप्यूटर के बारे में जानते हैं, तो आपने Processor का नाम भी जरूर सुना ही होगा।  सामान्य तौर पर Processor को कई नामों से जाना जाता है, … Read more

Hardware Kya Hai? और इसके प्रकार जानिए हिन्दी में

Hardware Kya Hai

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं, Hardware Kya Hai? यहां कितने प्रकार के होते हैं। आदि के बारे में। दोस्तों, कंप्यूटर का नाम तो आपने सुना ही होगा, आज हर एक क्षेत्र में कहीं ना कहीं कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है। आज कई छोटे-बड़े कार्यों के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता … Read more

Computer Network क्या है? जानिए हिंदी में

techbyraj.in

दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं Computer Network के बारे में। आज कंप्यूटर का इस्तेमाल हर जगह हो रहा है, चाहे फिर वह घर हो ऑफिस, स्कूल हो या कॉलेज, सभी जगह कंप्यूटर का तेजी से इस्तमाल हो रहा है। ऐसे में आपका कंप्यूटर नेटवर्क के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। कई लोग ऐसे … Read more

Computer full form in hindi, जानिए कंप्यूटर का फुल फॉर्म हिंदी में

techbyraj.in

Hello दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं, Computer full form in hindi के बारे में। वर्तमान समय में इंटरनेट और टेक्नोलॉजी के रूप कंप्यूटर को कौन नहीं जानता। लेकिन क्या आप यह जानते हैं, कि कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है? अक्सर यह सवाल कई प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू में पूछा जाता है, लेकिन जानकारी ना होने के कारण अक्सर लोग जवाब देने से चूक जाते हैं।

आज इंटरनेट पर आपको Computer क्या है? से जुडी कई जानकारियां मिल जाएँगी, लेकिन कंप्यूटर के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी बहुत कम लोग डालते हैं, ऐसे में आपका कंप्यूटर के के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। इसी के साथ अगर आपको Computer की उपयोगिता के बारे में नहीं पता तो आपको Uses of computer in hindi लेख जरूर पढ़ना चाहिए। 

computer kya hai? computer full form in hindi
computer full form in hindi

दोस्तों, कंप्यूटर का नाम कंप्यूटर इसलिए दिया गया, क्योंकि यह विशेष रुप से सभी “बेसिक अर्थमैटिक ऑपरेशन” को परफॉर्म करता है। तो चलिए अब जानते हैं कि आखिर इस का फुल फॉर्म क्या है? कंप्यूटर का फुल फॉर्म जानने से पहले जानते हैं कि- कंप्यूटर क्या है?

What is Computer- कंप्यूटर क्या है?

दोस्तों Computer एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो सूचना के साथ काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंप्यूटर शब्द एक संक्षिप्त रूप नहीं है, यह गणन शब्द से मिलकर बना है। जिसका मतलब होता है गणना करना।

कंप्यूटर शब्द लैटिन शब्द Compute से लिया गया है, इसका अर्थ है, गणना करने योग्य मशीन। यह मशीन द्विआधार अंकों की स्प्रिंग के माध्यम से Decimal संख्याओं का प्रतिनिधित्व करती है।

वही आसान शब्दों में कहें तो- कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसका उपयोग सामान्य तौर पर तेजी से गणना करने के लिए किया जाता है। वही हिंदी में इसे “संगणक” कहते हैं।

इसे भी पढ़े:- BSNL full form in Hindi

Computer full form in hindi 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

कंप्यूटर का फुल फॉर्म- “Commonly Operated Machine Particularly Used In Technical and Educational Research”  (कॉमनली ऑपरेटेड मशीन पार्टिकुलरली यूज्ड इन टेक्निकल एंड एजुकेशन रिसर्च) है।

Computer Full Form-

CCommon
OOperating
MMachine
PParticularly
UUsed
TTechnology
EEducation
RResearch

Computer का आविष्कार कब और किसने किया?

दोस्तों, अब सवाल यह उठता है, कि आखिरकार कंप्यूटर को किसने और कब बनाया था। तो चलिए जानते हैं, कि कंप्यूटर का आविष्कार किसके द्वारा और कब हुआ?

दोस्तों आपको बता दें सन 1830 से ही कंप्यूटर बनाने की शुरुआत हो गई थी। उस समय के महान साइंटिस्ट “Charles Babbage” ने इसकी शुरुआत की थी। वे एक ‘एनालिटिकल इंजन’ बनाने की प्लानिंग कर रहे थे, जो कि कंप्यूटर के क्षेत्र में एक शुरुआत थी।

Charles Babbage ने अपने आइडिया पर काम किया और सन 1832 में उन्होंने “डिफरेंस इंजन” का आविष्कार किया और इसे ही दुनिया का पहला Programable कंप्यूटर माना जाता है।

सन 1833 में उन्होंने एक एनालिटिकल इंजन का इंवेंशन किया, जिसे जनरल परपज कंप्यूटर का नाम दिया गया था। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वहां इस काम को पूरा नहीं कर सके।

Charles Babbage की मौत के 40 साल बाद1888 में उनके बेटे Henery Babbage ने इस काम को पूरा किया। आपको बता दें, एनालिटिकल इंजन सभी प्रकार की कैलकुलेशन कर सकता था।

और इस प्रकार कंप्यूटर का अविष्कार हुआ कंप्यूटर की नीव रखने के बाद कई सारे कंप्यूटर अलग-अलग वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन किए गए और उन्हें बाजार में उतारा गया। आज कंप्यूटर के अलावा लैपटॉप भी उपलब्ध है, जिसने हमारे काम को और भी आसान बना दिया है।

Also Read: Hardware Kya Hai? और इसके प्रकार जानिए हिन्दी में

कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहा जाता है?

Computer शब्द Compute+R से मिलकर बना है, यह Compute का अर्थ होता है गणना करना और इसमें एक सफिक्स यानी “R” भी है। जिससे यहां बन जाता है, गणना करने योग्य और कंप्यूटर एक मशीन है, इसलिए इसे ‘गणना करने वाला यंत्र’ या ‘संगणक यंत्र’ कहते हैं।

Computer Full Form In Hindi-

सीआमतौर पर
संचालित
एममशीन
पीविशेष रुप से
यूप्रयुक्त
टीतकनीकी
शैक्षणिक
आरअनुसंधान

Computer की विशेषताएं- (Features)

आज कंप्यूटर मानव जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। हर व्यक्ति अपने हिसाब से इसका उपयोग करता है, कंप्यूटर में अनेक विशेषताएं होती है, जो इसे एक खास मशीन बनाती है। आइए जानते हैं इसकी विशेषताओं के बारे में।

1. Accuracy- (सटीकता)

कंप्यूटर अपने किसी भी काम को पूरी सटीकता (Accuracy) के साथ करता है। कंप्यूटर के द्वारा कोई भी गलती की गुंजाइश नहीं होती। यह हमेशा सटीक परिणाम देता है। क्योंकि कंप्यूटर हमारे द्वारा ही बनाए गए प्रोग्राम के निर्दिष्ट निर्देशकों का पालन करके किसी कार्य को अंजाम देता है।

2. Speed- (गति)

कंप्यूटर की सबसे बेहतरीन विशेषता उसकी गति है, जहां आपको एक छोटी से छोटी कैलकुलेशन करने में समय लगता है, वही कंप्यूटर बड़ी से बड़ी कैलकुलेशन कुछ ही सेकंड में कर देती है। यहां गति कंप्यूटर को उसके प्रोसेसर से प्राप्त होती है, कंप्यूटर की गति को hertz में मापा जाता है। इसकी तीव्रता प्रति सेकंड, प्रति माइक्रोसेकंड, प्रति मिली सेकंड और प्रति नैनो सेकंड में मापी जाती है।

3. Automation- (स्वचालित)

कंप्यूटर की तीसरी विशेषता Automation यानी स्वचालित रूप से काम करना है। एक बार कंप्यूटर को निर्देश देने पर जब तक कार्य पूरा नहीं होता, तब तक वहां स्वचालित रूप से कार्य करता रहता है। उदाहरण के तौर पर कंप्यूटर में किसी एक फोल्डर से फाइल दूसरे फोल्डर में कॉपी करने की कमांड दे, तो वह जब तक सारे फाइल उस फोल्डर में कॉपी नहीं हो जाती, तब तक वह नहीं रुकता है।

कंप्यूटर को जिन कार्य को करने के लिए निर्देश मिलते हैं। उन्ही के आधार पर उनको पूरा करता है। आपको बता दें यहां निर्देश कंप्यूटर को प्रोग्राम सॉफ्टवेयर के द्वारा मिलते हैं, हर एक काम को करने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर होता है।

दोस्तों, इनके अलावा कंप्यूटर की और भी कई विशेषताएं है- जैसे Permanent Storage (स्थाई भंडारण क्षमता), Largest Storage Capacity (विशाल भंडारण क्षमता), Quick Dicision (तुरंत निर्णय लेने की क्षमता), Versatility (विविधता), Repetition (पुनरावृति), Uniformity Of Work (कार्य की एकरूपता) आदि।

इसे भी पढ़े:- ED क्या होता है? ed full form in hindi

Computer full form in hindi से जुड़े कुछ प्रश्न और उनके उत्तर FAQs:

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है, हिंदी में?

कंप्यूटर को हिंदी में “संगणक” कहा जाता है। कंप्यूटर जो कि एक मशीन है, इसलिए इसे गणना करने वाला यंत्र या संगणक यंत्र भी कहा जाता है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं?

टेक्नोलॉजी के आधार पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं- माइक्रो कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर और सुपर कप्यूटर।

कंप्यूटर का पहला नाम क्या था?

सन 1945 में J.Presper Eckert & John Mauchly के द्वारा दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर  Electronic Numerical Integrator And Computer (ENIAC) का आविष्कार किया गया था।

कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं?

Computer– मदरबोर्ड, रेंडम एक्सेस मेमोरी, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, रीड ओनली मेमोरी और हार्ड डिस्क या सॉलि़ड स्टेट ड्राइव और सॉफ्टवेयर से मिलकर बना होता है।

कंप्यूटर के मुख्य भाग कौन से हैं?

कंप्यूटर के मुख्य 2 भाग होते हैं- “हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर”। हार्डवेयर में कंप्यूटर के वो पार्ट्स शामिल है, जो दिखाई देते हैं- जैसे माउस, कुंजीपटल, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, मॉनिटर आदि। और सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर के आंतरिक भाग आते हैं।

कंप्यूटर का दूसरा नाम क्या है?

कंप्यूटर (अन्य हिन्दी नाम – अभिकलित्र, संगणक, अभिकलक, परिकलक) वस्तुतः एक अभिकलक यंत्र (programmable machine) है, जो दिये गये गणितीय तथा तार्किक संक्रियाओं को क्रम से स्वचालित रूप से करने में सक्षम है।


हमने क्या सीखा- (Conclusion)

इस पोस्ट के माध्यम से हमने Computer full form in hindi, कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर की विशेषताओं के बारे में जाना। दोस्तों कंप्यूटर को अभीकलक यंत्र यानी “प्रोग्रामेबल मशीन” भी कहा जाता है। क्योंकि कंप्यूटर प्रोग्रामिंग एक माध्यम है, जिससे आप कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए एक प्रोग्राम तैयार करते हैं, और यह प्रोग्राम कंप्यूटर को दिए जाने वाले निर्देश को set करता है। 

उम्मीद है, आपको जानकारी अच्छी लगी होगी। यदि हां, तो इस लेख को अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर साझा जरूर करें, ताकि वह भी इस विषय में जान सकें। साथ ही, अगर आपका इस से जुड़ा कोई प्रश्न है, तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं। हम आपके प्रश्न का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।