Metaverse kya he meaning in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने वाले हैं-  Metaverse kya he meaning in Hindi ! के बारे में। हाल ही में खबर आई थी कि सोशल मीडिया की जानी-मानी कंपनी फेसबुक ने अपना नाम बदलकर meta कर दिया है। जिसे एक जाने-माने शब्द metaverse से लिया गया है। जिसका वास्तविक अर्थ होता है- एक वर्चुअल ( virtual ) दुनिया। 

अब आप सोच रहे होंगे, कि यहां आखिर है क्या? तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम इसी विषय में बात करने वाले हैं। इसी के साथ यह भी जानेंगे कि, फेसबुक ने अपना नाम क्यों बदला और आने वाले समय में इससे हमारे जीवन में क्या- क्या बदलाव होंगे।

देखा जाए तो facebook ने केवल अपना नाम ही नहीं बदला है, बल्कि पूरे इंटरनेट की दुनिया को बदलने की दिशा में कदम उठाया है। सूत्रों की माने तो, metaverse सम्पूर्ण इंटरनेट और सोशल मीडिया का भविष्य बताया जा रहा है। 

जिस तरह कई ऐसी हॉलीवुड की फिल्में हैं, जिनमें हमें अलग ही प्रकार की दुनिया देखने को मिलती है। ठीक उसी प्रकार की दुनिया को हकीकत बनाने का नाम ही मेटावर्स है.

metaverse शब्द कहां से आया?

metaverse शब्द की उत्पत्ति किसी साइंटिस्ट के द्वारा नहीं बल्कि एक साइंस फिक्शन लेखक “नील स्टीफेनसन” ने की थी। उन्होंने एक उपन्यास लिखा था, जिसका नाम “स्नो क्रेस्ट” था। इसी उपन्यास में पहली बार मेटावर्स का जिक्र हुआ था। नील स्टीफेनशन द्वारा लिखे गए उपन्यास में उन्होंने इंटरनेट की एक ऐसी दुनिया की कल्पना की थी, जहां इंसान घर बैठा रहे लेकिन उसकी 3D इमेज वर्चुअल दुनिया में कहीं भी पहुंच जाए।

शुत्रो की माने तो मेटा वर्ष में एक असल दुनिया के साथ वर्चुअल दुनिया भी होगी जिसमें आप घर बैठे दुनिया में कहीं भी पहुंच सकते हैं और यहां सब एक एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से संभव होगा

मेटावर्स का अनुभव कैसा होगा

अगर इसे सरल भाषा में समझा जाए तो यहां कुछ नहीं केवल सोशल मीडिया का एक एडवांस रूप है। जिस तरह फेसबुक पर हम अपने दोस्तों से बातचीत करते हैं, वीडियो कॉल करते हैं, व अपने अनुभव को साझा करते हैं, ग्रुप बनाते हैं, इत्यादि। लेकिन व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर यह सारी चीजें चैटिंग के माध्यम से होती है। यहां हमारे दोस्त हमारे पास नहीं होते हैं, जिस तरह हम गूगल मीट या ज़ूम पर मीटिंग करते हैं, और हमें पता होता है, कि सामने वाला व्यक्ति कैमरे के उस तरह हे है और वहां हम से काफी दूर होता है।

लेकिन मेटावर्स का सिद्धांत इसके विपरीत होगा, आपके लिए मेटावर्स का अनुभव हॉलीवुड फिल्म अवतार के जैसा होगा, इस फिल्म के अलावा और भी कई अंग्रेजी फिल्में है, जिनमें मेटावर्स  के सिद्धांतों को दिखाया गया है। जब मेटावर्स  हमारे बीच होगा तो सिर्फ एक हेडफोन पहनकर हम एक अलग ही दुनिया में जा सकते हैं। जो कि कंप्यूटर से बनी होगी जहां आप अपने रोजमर्रा के काम भी कर पाएंगे। आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच रहने का अनुभव कर पाएंगे, खरीदारी के साथ-साथ नई- नई जगह पर घूमने का एहसास आप घर बैठे ही कर पाएंगे।

विभिन्न कॉम्पोनेंट्स के अंदर आ जा सकेंगे

आज हम कई अलग-अलग जगहों पर मटावर्स के कॉम्पोनेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। जैसे- वर्चुअल शॉपिंग, कैसीनो, गेम्स आदि लेकिन इन सबके अलावा आज एक ऐसे प्लेटफार्म की कमी है, जो हमें अपने इसी अवतार में अलग-अलग जगहों पर आने जाने की सुविधा दे सके।

वर्चुअल लाइफ में उपयोगकर्ता को पूरी छूट होगी

आज हम कई प्रकार के ऐप्स और गेम्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इन प्लेटफॉर्म्स मैं, बहुत कम और लिमिटेड फंक्शनैलिटी मिलती है। वही मेटावर्स में यूजर को पूरी छूट होगी कि वह वर्चुअल लाइफ में कुछ भी कर सके। उदाहरण के लिए अगर कोई खिलाड़ी कोई गेम खेल रहा है, लेकिन वह उस खेल को बीच में ही छोड़ना चाहता है, तो वो ऐसा कर सकता है। उसे कोई रोक-टोक नहीं होगी। वह इसी दुनिया के भीतर कहीं भी जा सकता है, कहीं भी घूम सकता है। और बाद में फिर से वह उस गेम को ज्वाइन कर सकता है।

Avatars की तरह होगा मेटावर्स

मेटावर्स आपको अवतार की तरह नजर आने वाला है, जिसका अर्थ है- 3D रिप्रेजेंटेशन या प्रतिरूप, मेटावर्स के उपयोगकरता अपने हिसाब से अपने अवतार को कस्टमाइज कर सकेंगे, वही किसी फिजिकल कैरेक्टरस्टिक और पर्सनालिटी को धारण कर पाएंगे। मेटावर्स में आपके अवतार दूसरे अवतार से इंटरेक्ट भी कर सकेंगे।

मेटावर्स के उदाहरण

उम्मीद है, आप मेटावर्स क्या है? और यह कैसे काम करता है? इस विषय में जान गए होंगे, आइए अब हम कुछ ऐसे उदाहरण को जानेंगे जिसे आपने पहले मेटावर्स को इस्तेमाल होते हुए देखा है।

Fortnite 

Fortnite के CEO  “टीम सिवनी” ने fortnite को एक खेल से कहीं अधिक बेहतर बनाने के लिए कहीं संदर्भ दिए हैं। वहीं 2020 में fortnite के अंदर रैपर ट्रेविस स्कॉट के वर्चुअल कंसर्ट में 12 मिलियन से अधिक लोगों ने भाग लिया था। जो कि अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम था।

रेडी प्लेयर वन ( Ready player one )

रेडी प्लेयर वन एक पुस्तक है, जो बहुत चर्चित भी हुई थी। इस पुस्तक में लेखक ने मेटावर्स जैसी ही एक वर्चुअल दुनिया का जिक्र किया था। वही इसके ऊपर हॉलीवुड में फिल्म भी बन चुकी है। यह ठीक मेटावर्स की तरह ही एक गेम है, जिसमें आपको कुछ ऐसे ही अलग प्रकार की दुनिया देखने को मिलेगी।

मेटावर्स की विशेषताएं और लाभ

मेटावर्स की सहायता से आप अपने लोगों से वर्चुअल लाइफ में जुड़ पाएंगे।

इसकी सहायता से आप अपने रिश्तेदारों और मित्रों के साथ वर्चुअल लाइफ में गेट टुगेदर कर सकेंगे।

मेटावर्स में आप अपना खुद का एक वर्चुअल अवतार बना पाएंगे जो 3D टेक्नोलॉजी की तरह काम करेगा।

इसकी सहायता से आप घर बैठे मीटिंग्स, चीजें सीखना, गेम खेलना आदि सभी काम कर सकेंगे।

मेटावर्स की सहायता से आप बिजनेस और शॉपिंग से जुड़े काम भी कर पाएंगे।

मेटावर्स की सहायता से आप रियल लाइफ और वर्चुअल लाइफ में फर्क समझ सकेंगे।

मेटावर्स से होने वाले नुकसान

अगर किसी चीज के लाभ हैं, तो जाहिर सी बात है, कि उसके कुछ नुकसान भी होंगे। मेटावर्स के आने के बाद भले ही लोग एक अलग ही दुनिया का अनुभव कर पाएंगे, जो असली दुनिया जैसी ही होगी। लेकिन इसके आने के बाद लोग अपने दिन का ज्यादा से ज्यादा समय इसी पर व्यतीत करेंगे, और ज्यादा स्क्रीन पर समय बिताने से आंखों और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, और इसी के साथ निजी जिंदगी में भी इसके कई परिणाम देखने को मिलेंगे।

उम्मीद है आप मेटावर्स को और अच्छी तरीके से समझ गए होंगे। आइए अब जानते हैं- कि फेसबुक ने अपना नाम मेटा क्या रखा।

फेसबुक बनी मेटा

फेसबुक, जो कि सोशल मीडिया की एक जानी-मानी कंपनी है। फेसबुक की स्थापना वर्ष 2004 में मार्क जुकरबर्ग ने की थी। वही 28 अक्टूबर 2021 को खबर आई की फेसबुक अब नए नाम मेटा से रीब्रांड हो चुकी है। और इस खबर ने इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचा दिया था। क्योंकि फेसबुक ने सिर्फ अपना नाम ही नहीं बदला है, बल्कि पूरे इंटरनेट की दुनिया को बदलने की दिशा में कदम उठाया है।

 इसके अलावा फेसबुक के द्वारा संचालित कंपनियों में व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसी और भी कई कंपनियां है। और यहां सभी कंपनियां वर्तमान में एक पैरंट कंपनी मेटा के अंदर संचालित होंगी। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। सिर्फ इन सभी की पैरंट कंपनी मेटा को लोगों के सामने लाया गया है। फेसबुक का मकसद है, कि वह लोगों को एक दूसरे से जोड़ सकें। आने वाली नई टेक्नोलॉजी और भविष्य के गर्भ में कदम रखने के लिए फेसबुक ने मेटा कंपनी के साथ metaverse के कंसेप्ट को लोगों के सामने प्रस्तुत किया है।

मेटावर्स से मानव जीवन में क्या बदलाव होंगे

मेटावर्स के आने से लोग जिस भी वस्तु की कल्पना करेंगे वह वैसा ही महसूस करने के लिए मेटावर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके आ जाने से लोगों को अपने जीवन में रियल और वर्चुअल वर्ल्ड मैं बदलाव महसूस होगा। मेटावर्स का इस्तेमाल शॉपिंग करने, गेट टूगेदर या अन्य किसी से मिलना हो, यह सभी काम इसके माध्यम से कर सकेंगे, और आप ऐसा महसूस करेंगे कि आप एक अलग ही दुनिया में मौजूद है।

मेटावर्स से जुड़े कुछ प्रश्न और उनके उत्तर FAQ:-

प्रश्न:- क्या फेसबुक ने अपना नाम बदल दिया है?

उत्तर:- जी हां, फेसबुक अब नए नाम मेटा से रीब्रांड हो चुकी है।


प्रश्न:- क्या मेटावर्स सुरक्षित है?

उत्तर:- जी हां, मेटावर्स सुरक्षित है, लेकिन इसमें थोड़ा बहुत खतरा जरूर देखने को मिलेगा।


प्रश्न:- क्या मेटावर्स 3D टेक्नोलॉजी की तरह काम करता है?

उत्तर:- जी हां, मेटावर्स एडवांस और 3D टेक्नोलॉजी की तरह ही काम करता है।

हमने क्या सीखा

इस पोस्ट के माध्यम से हमने जाना कि मेटावर्स क्या है?  यह कैसे काम करता है? और आने वाले समय में इसका क्या असर देखने को मिलेगा। उम्मीद है, आपको मेटावर्स के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई होगी।

दोस्तों, बदलते जमाने के साथ हमारी जिंदगी में भी बहुत सारे बदलाव हुए हैं। ऐसे में मेटावर्स के नए अनुभव को आप किस प्रकार देखते हैं। हमें अपनी राय जरूर दें, साथ ही पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें, ताकि वह भी इस विषय में जान सके।

धन्यवाद!

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नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राज प्रजापति है,में कंप्यूटर साइंस का विद्यार्थी हूँ और साथ में ब्लॉग्गिंग भी करता हूँ, में इस ब्लॉग पर टेक्नॉलजी, डिजिटल मार्केटिंग,मोबाइल, कंप्यूटर, ब्लॉग्गिंग, मेक मनी ऑनलाइन जैसे विषयो पर अपने नॉलेज और पूरी रीसर्च के साथ हिंदी में जानकारी शेयर करता हूँ.

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